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  आजादी का अमृत महोत्सव:   जी हां भारत की आजादी को अब ७५ साल पूरे हो गए हैं। लोग अपनी उम्र या शादी की सालगिरह के विभिन्न पड़ाव को अलग अलग जयन्ती के रूप में मनाते है।  मिसाल के तौर पर २५ वर्षों के लिए रजत जयन्ती , ५० वर्षो के लिए स्वर्ण जयन्ती आदि. इस प्रकरण में पचहत्तरवीं जयन्ती को शायद हीरक जयन्ती या महोत्सव की सज्ञा शायद अधिक उचित होती । आजादी का अमृत महोत्सव के अंदर अमृत शब्द कर्णप्रिय होते हुए भी कुछ अर्थहीन सा प्रतीत होता है. सहज ही प्रश्न उठते हैं  कि क्या हमारे ये ७५ वर्ष अमृतमय थे या  क्या ये ७५ वां वर्ष अमृतमय है. चलिए वांग्मय शब्द चर्चा से बाहर निकलते हुए आज पर प्रदार्पण किया जाए।     नेहरू जी के उस ऐतहासिक भाषण को ७५ वर्ष पूरे हो गए हैं , जिसमें उन्होंने कहा था की "काफी साल पहले , हमने किस्मत के साथ वादा ( long years ago we made a tryst with destiny) किया था , और अब समय आ गया है जब हम अपना वादा निभायें , पूर्ण रूप से या अपूर्ण रुप से नहीं वरन्  काफी हद तक निभायें ।" (Not Fully, Not partly but substantially) तब से आजतक क...